24 फरवरी , नई दिल्ली। लद्दाख के सुप्रसिद्ध शिक्षा सुधारक, अभियान्ता व पर्यावरणविद् श्री सोनम वांगचुक द्वारा इस वर्ष भारत पर्यावास केंद्र (India Habitat Centre) का वार्षिक व्याख्यान दिया गया ।इस वर्ष व्याख्यान का विषय था " प्रकृति और मानवता को ठीक करने के लिए नवीनता"(Innovation to Heal Nature and Humanity)। रोचक बात यह हैं की इससे पूर्व भारत पर्यावास केंद्र का वार्षिक व्याख्यान पूर्व राष्ट्रपति प्रोफेसर ए पी जे अब्दुल कलाम जी तथा भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. रघुराम राजन दे चुके हैं , व किसी हिमालयी प्रतिभा को इस मंच से बोलने का यह प्रथम अवसर था । कार्यक्रम के वशिष्ट अतिथि परम पूजनीय सक्यबगोन चेतसँग रिनपोचे थे, जो की पराम् पूजनीय दलाई लामा के पश्चात सर्व श्रेष्ठ तिब्बतीय धर्म गुरु माने जाते हैं । कार्यक्रम हिम स्तूप के निर्माण एवं उपयोग के विषय में बताया गया । एवं पर्यावरण रक्षा के लिए विभिन उपयो की चर्चा की गयी ।
Wednesday, 15 March 2017
सोनम वांगचूक द्वारा भारत पर्यावास केंद्र का वार्षिक व्याख्यान
24 फरवरी , नई दिल्ली। लद्दाख के सुप्रसिद्ध शिक्षा सुधारक, अभियान्ता व पर्यावरणविद् श्री सोनम वांगचुक द्वारा इस वर्ष भारत पर्यावास केंद्र (India Habitat Centre) का वार्षिक व्याख्यान दिया गया ।इस वर्ष व्याख्यान का विषय था " प्रकृति और मानवता को ठीक करने के लिए नवीनता"(Innovation to Heal Nature and Humanity)। रोचक बात यह हैं की इससे पूर्व भारत पर्यावास केंद्र का वार्षिक व्याख्यान पूर्व राष्ट्रपति प्रोफेसर ए पी जे अब्दुल कलाम जी तथा भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. रघुराम राजन दे चुके हैं , व किसी हिमालयी प्रतिभा को इस मंच से बोलने का यह प्रथम अवसर था । कार्यक्रम के वशिष्ट अतिथि परम पूजनीय सक्यबगोन चेतसँग रिनपोचे थे, जो की पराम् पूजनीय दलाई लामा के पश्चात सर्व श्रेष्ठ तिब्बतीय धर्म गुरु माने जाते हैं । कार्यक्रम हिम स्तूप के निर्माण एवं उपयोग के विषय में बताया गया । एवं पर्यावरण रक्षा के लिए विभिन उपयो की चर्चा की गयी ।
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