नई दिल्ली ब्यूरो : पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनोद शुक्ला जी ने भारत मे करा अनूठा काम । पंडित. दीनदयाल जी के भतीजे ने मानवतावाद सिंद्धांत को कायम रखने और जमीनीस्तर पर विभिन्न विषयों पर कार्य करने का बीड़ा उठाया है जैसे शिक्षा, आध्यात्मिक उन्नति, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण तथा पर्यावरण ! यह गुरु श्री श्री आनंद मूर्ती जी के शिष्य भी हैं तथा अष्टांग योग के साधक और प्रवाचक भी!
इस संसथान के द्वारा श्री विनोद जी ने पिछले पांच सालों से "प्लास्टिक कचरा मुक्त भारत" की मुहिम छेड़ी हुयी हैं! इनकी मुहिम ने ऐसा कुछ कर दिखाया है कि आज जगह जगह यह पूरी तरह से 'सिंगल यूज़ प्लॉस्टिक' जिसमे कि प्लास्टिक की पतली पन्नी, प्लास्टिक के पतले गिलास और प्लास्टिक की स्ट्रॉ वगैरह आते हैं, जिनको की इस्तेमाल के बाद कूड़े में फ़ेंक दिया जाता है उनके प्रयोग को जगह जगह पूरी तरह से बैन कराने के कार्य में संपन्न होता जा रहा हैं। हाल ही में मुंबई में इनके सहयोग से 'सिंगल यूज़ प्लास्टिक' पर प्रतिबन्ध लगा है और यही नही देश के कई अन्य राज्यो में भी यह मुहिम बहुत तेजी से पैर फैला रही है! पल्स्टिक कचरे के आयत पर इनकी प्रयासों से पूरे भारत में प्रतिबन्ध लगा जिससे लाखों कूड़ा बीनने वालों का जीवन प्रभावित होने से बचा! इनकी संस्था 'रैग पिकर्स" के उत्थान सम्बंधित कार्यों के लिए बहुत चिंतनशील है!
श्री विनोद शुक्ला जी अपनी संस्था के द्वारा प्लास्टिक के पुनः चक्रण के प्रति भी लोगों को जागरूक कर रहे है अर्थात जिस किसी भी प्रकार से हम प्लास्टिक को अगर दोबारा प्रयोग में ला सकें को इससे पर्यावरण का काफी भला होगा क्योंकि प्लास्टिक का जैविक विघटन नहीं होता है यह ६००-७०० साल तक ऐसे ही पड़ा रहता है ! इसी के चलते उन्होंने लोगों से कूड़े के पृथकीकरण (वेस्ट मैनेजमेंट) करने का भी निवेदन किया है ! कूड़ा फेंकने से पहले उसे सूखे और गीले कूड़े में बाँट लें ! प्लास्टिक, मेटल , शीशे को किचन के कूड़े से अलग कर के फेंकने का भी निवेदन किया है! वह रैलियों, सेमिनारों, परिचर्चाओं, नुक्कड़ नाटक तथा अन्य कई प्रचार माध्यमों से वह प्लास्टिक कचरे के बढ़ते दुष्प्रभाव से लोगों को अवगत कराते रहते हैं ! दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच ने इसी के सम्बन्ध में जनवरी 2019 में ग़ज़िआबाद में भी एक भव्य नेशनल सेमिनार का आयोजन किया था तथा और भी कई जगह उदाहरणार्थ मुम्बई,कोयम्बटूर, राजस्थान, गुरुग्राम,ग़ज़िआबाद, मथुरा आदि शहरों में भी ऐसे ही कितने सेमिनार/रैली उनकी संस्था करवा चुकी है ! श्री विनोद शुक्ला जी का कहना है कि यदि हम निस्वार्थ मन ओर एक अच्छी सोच के साथ किसी भी कार्य को करते है तो ईश्वर भी हमारा साथ देते हैं |
इसके साथ ही साथ संस्था के लोग अंतर और बाह्य प्रदूषण मुक्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, क्योंकि जब तक अंदर का कचरा साफ नहीं होगा तब तक मैले मन से हम बाहर का कचरा भी साफ़ नहीं कर पाएंगे । इस मंच के द्वारा प्लास्टिक कचरा मुक्त भारत पर निरंतर सेमिनार,स्कूलों में कार्यशाला,आयोजित की जा रही है । 'गुड' प्लास्टिक ओर 'बैड' प्लास्टिक दोनों के बारे में बताया जा रहा है । 'गुड' प्लास्टिक वह जिसे हम पुनः चक्रण में ला सकें जैसे प्लास्टिक की बोतलें जैसे मोटा प्लास्टिक, और 'बैड' प्लास्टिक वह जिसे हम दोबारा इस्तेमाल नहीं कर सकते जैसे प्लास्टिक की पतली थैली, गिलास, स्ट्रॉ इत्यादि !
श्री विनोद शुक्ला जी की संस्था द्वारा प्लास्टिक के पुनः चरण की बोतल को क्रश उसके छोटे छोटे टुकड़े तैयार करती है जिसका बाद में धागा तैयार कर टी शर्ट, बैग, तकिया, गद्दा, टोपी, थैले,ओर भी बहुत उपयोगी समान बनाने में उपलोग लाया जाता है । यही नही इससे लोगो को रोजगार भी मिल रहा है । अंत मे यही कहना होगा कि श्री विनोद शुक्ला जी धरती को प्रदूषण मुक्त करके हम सभी को निरोगी भारत की सौगात देना चाहते है तो आइए हम सब भी इनके साथ मिलकर कहते ही नही बल्कि करते भी है कि आज से प्लास्टिक कचरे को कह दे 'ना ना ना ' ।
इस संसथान के द्वारा श्री विनोद जी ने पिछले पांच सालों से "प्लास्टिक कचरा मुक्त भारत" की मुहिम छेड़ी हुयी हैं! इनकी मुहिम ने ऐसा कुछ कर दिखाया है कि आज जगह जगह यह पूरी तरह से 'सिंगल यूज़ प्लॉस्टिक' जिसमे कि प्लास्टिक की पतली पन्नी, प्लास्टिक के पतले गिलास और प्लास्टिक की स्ट्रॉ वगैरह आते हैं, जिनको की इस्तेमाल के बाद कूड़े में फ़ेंक दिया जाता है उनके प्रयोग को जगह जगह पूरी तरह से बैन कराने के कार्य में संपन्न होता जा रहा हैं। हाल ही में मुंबई में इनके सहयोग से 'सिंगल यूज़ प्लास्टिक' पर प्रतिबन्ध लगा है और यही नही देश के कई अन्य राज्यो में भी यह मुहिम बहुत तेजी से पैर फैला रही है! पल्स्टिक कचरे के आयत पर इनकी प्रयासों से पूरे भारत में प्रतिबन्ध लगा जिससे लाखों कूड़ा बीनने वालों का जीवन प्रभावित होने से बचा! इनकी संस्था 'रैग पिकर्स" के उत्थान सम्बंधित कार्यों के लिए बहुत चिंतनशील है!
श्री विनोद शुक्ला जी अपनी संस्था के द्वारा प्लास्टिक के पुनः चक्रण के प्रति भी लोगों को जागरूक कर रहे है अर्थात जिस किसी भी प्रकार से हम प्लास्टिक को अगर दोबारा प्रयोग में ला सकें को इससे पर्यावरण का काफी भला होगा क्योंकि प्लास्टिक का जैविक विघटन नहीं होता है यह ६००-७०० साल तक ऐसे ही पड़ा रहता है ! इसी के चलते उन्होंने लोगों से कूड़े के पृथकीकरण (वेस्ट मैनेजमेंट) करने का भी निवेदन किया है ! कूड़ा फेंकने से पहले उसे सूखे और गीले कूड़े में बाँट लें ! प्लास्टिक, मेटल , शीशे को किचन के कूड़े से अलग कर के फेंकने का भी निवेदन किया है! वह रैलियों, सेमिनारों, परिचर्चाओं, नुक्कड़ नाटक तथा अन्य कई प्रचार माध्यमों से वह प्लास्टिक कचरे के बढ़ते दुष्प्रभाव से लोगों को अवगत कराते रहते हैं ! दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच ने इसी के सम्बन्ध में जनवरी 2019 में ग़ज़िआबाद में भी एक भव्य नेशनल सेमिनार का आयोजन किया था तथा और भी कई जगह उदाहरणार्थ मुम्बई,कोयम्बटूर, राजस्थान, गुरुग्राम,ग़ज़िआबाद, मथुरा आदि शहरों में भी ऐसे ही कितने सेमिनार/रैली उनकी संस्था करवा चुकी है ! श्री विनोद शुक्ला जी का कहना है कि यदि हम निस्वार्थ मन ओर एक अच्छी सोच के साथ किसी भी कार्य को करते है तो ईश्वर भी हमारा साथ देते हैं |
इसके साथ ही साथ संस्था के लोग अंतर और बाह्य प्रदूषण मुक्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, क्योंकि जब तक अंदर का कचरा साफ नहीं होगा तब तक मैले मन से हम बाहर का कचरा भी साफ़ नहीं कर पाएंगे । इस मंच के द्वारा प्लास्टिक कचरा मुक्त भारत पर निरंतर सेमिनार,स्कूलों में कार्यशाला,आयोजित की जा रही है । 'गुड' प्लास्टिक ओर 'बैड' प्लास्टिक दोनों के बारे में बताया जा रहा है । 'गुड' प्लास्टिक वह जिसे हम पुनः चक्रण में ला सकें जैसे प्लास्टिक की बोतलें जैसे मोटा प्लास्टिक, और 'बैड' प्लास्टिक वह जिसे हम दोबारा इस्तेमाल नहीं कर सकते जैसे प्लास्टिक की पतली थैली, गिलास, स्ट्रॉ इत्यादि !
श्री विनोद शुक्ला जी की संस्था द्वारा प्लास्टिक के पुनः चरण की बोतल को क्रश उसके छोटे छोटे टुकड़े तैयार करती है जिसका बाद में धागा तैयार कर टी शर्ट, बैग, तकिया, गद्दा, टोपी, थैले,ओर भी बहुत उपयोगी समान बनाने में उपलोग लाया जाता है । यही नही इससे लोगो को रोजगार भी मिल रहा है । अंत मे यही कहना होगा कि श्री विनोद शुक्ला जी धरती को प्रदूषण मुक्त करके हम सभी को निरोगी भारत की सौगात देना चाहते है तो आइए हम सब भी इनके साथ मिलकर कहते ही नही बल्कि करते भी है कि आज से प्लास्टिक कचरे को कह दे 'ना ना ना ' ।
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